एक शानदार उपहार है ’गर्भनाल’ पत्रिका

’गर्भनाल’ अप्रवासी भारतीयों की ई पत्रिका है जो कि हर महीने पीडीएफ के रूप में मुफ्त वितरित की जाती है। श्री आत्माराम शर्मा जी के संपादन में छप रही यह शानदार पत्रिका कई हिंदी प्रिंट पत्रिकाओं से भी बेहतर और खूबसूरत है। मुझे यह पत्रिका बहुत पसंद है और प्रति माह जब यह पत्रिका मुझे मिलती है तो मैं इसे अपने कई मित्रों को भी  भेजता हूं।

मुझे पूरा यकीन है कि मनोरंजन, साहित्य  और जानकारी से भरपूर यह पत्रिका आप सब को भी बहुत पसंद आयेगी।

हिंदी टूलबार पिटारा  के प्रयोगकर्ताओं के लिये अब यह पत्रिका हर महीने टूलबार में ही उपलब्ध रहेगी। आज प्रस्तुत है इस पत्रिका का नवंबर 2007  अंक। गर्भनाल पत्रिका से सभी अंक अब टूलबार में जोड़ दिये गये हैं। गर्भनाल पत्रिका के सभी अंक आप यहां भी पढ़ सकते हैं।



गर्भनाल पत्रिका से सभी अंक अब टूलबार में जोड़ दिये गये हैं। गर्भनाल पत्रिका के सभी अंक आप यहां भी पढ़ सकते हैं।

12 comments

बहुत बड़िया हम भी पढ़ेगे

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garbhanal it is good on line magezine

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[...] करायी जाती है। आप इस पत्रिका को हिंदी टूलबार पिटारा में पढ़ सकते है। पत्रिका की अभी अपनी कोई साईट [...]

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अच्छी पत्रिका है. पुराने अंक कैसे मिलेंगे.

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काकेश जी,

पुराने अंक आप टूलबार में ही पढ़ सकते हैं। फिलहाल तीन अंक (अंक 10, 11 और 12) अपलोड किये गये हैं बाकी भी जल्द कर दिये जायेंगे।

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वाह, अभी इसको डाउनलोड किया है, रात को पढ़ूँगा। कृपया बाकी अंक भी उपलब्ध करवाईये(या मेरे जीमेल वाले पते पर भेज दीजिए) ताकि जो लोग पिटारा टूलबार प्रयोग नहीं करते वे भी आनंद उठा सकें। :)

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गर्भनाल पत्रिका से सभी अंक अब टूलबार में जोड़ दिये गये हैं। आप इन्हें यहां भी पढ़ सकते हैं।

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devmani pandey,mumbai mod

sahitya ki duniya me yah ek sarahneey prayas hai.

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vastav me yah ek srahaneey prayas hai.

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hi,
i saw garbhanaal first time on net a week ago. i think it is a great effort to promote our national language and i wish it would go long way. this is really a good plateforn to those who cant go any magazine office but still they want to write and share their views. even i want to contribute some of my works related to hindi kahani and kavita, but i dont kanow how to contribute. would you please tell me how to connect with you.

Sanjeev Srivastava
persuing M.A. (convergent journalism)
AJKMCRC Jamia Millia Islamia
New Delhi.

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